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गरà¥à¤®à¥€ और लू की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के कà¥à¤› आसान उपाय
दिलà¥à¤²à¥€ और आसपास के इलाकों में à¤à¤²à¥‡ ही गरà¥à¤®à¥€ और लू से कà¥à¤› राहत मिल गई हो लेकिन बिहार और आसपास के राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में लू का कहर जारी है और लू से मरने वालों की संखà¥à¤¯à¤¾ लगातार बढ़ रही है। à¤à¤¸à¥‡ में हम आपको बता रहे हैं इससे बचने के कà¥à¤› आसान उपाय।
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गरà¥à¤®à¥€ में लू और दूसरी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से à¤à¤¸à¥‡ बचें
इस वकà¥à¤¤ आधा à¤à¤¾à¤°à¤¤ गरà¥à¤®à¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ से जूठरहा है। सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समसà¥à¤¯à¤¾ बिहार में देखने को मिल रही है जहां गरà¥à¤®à¥€ और लू की वजह से अब तक 183 लोगों की मौत हो चà¥à¤•ी है। कड़ी धूप में काम करने वालों, गरीब तबके के लोगों, खिलाड़ियों, बचà¥à¤šà¥‡, बूढ़े और बीमार लोगों को लू लगने का डर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है। लू लगने के बाद उसका इलाज किया जाठइससे बेहतर है कि हम लू लगने से पहले ही अपना बचाव कर लें। लिहाजा इन जरूरी बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें...
कैसे करें बचाव
कà¥à¤› सावधानियां बरत कर लू और गरà¥à¤®à¥€ से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है...
- तेज गरà¥à¤® हवा में बाहर जाने से बचें। नंगे बदन और नंगे पैर धूप में न निकलें।
- घर से बाहर पूरी आसà¥à¤¤à¥€à¤¨ के और ढीले कपड़े पहनकर निकलें, ताकि उनमें हवा लगती रहे।
- जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट और गहरे रंग के कपड़े न पहनें।
- सूती कपड़े पहनें। सिंथेटिक, नायलॉन और पॉलिà¤à¤¸à¥à¤Ÿà¤° के कपड़े न पहनें।
- खाली पेट घर से बाहर न जाà¤à¤‚ और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर à¤à¥‚खे रहने से बचें।
- धूप से बचने के लिठछाते का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। इसके अलावा, सिर पर गीला या सादा कपड़ा रखकर चलें।
- चशà¥à¤®à¤¾ पहनकर बाहर जाà¤à¤‚। चेहरे को कपड़े से ढक लें।
- घर से पानी या कोई ठंडा शरबत पीकर निकलें, जैसे आम पना, शिकंजी, खस का शरà¥à¤¬à¤¤ आदि। साथ में पानी की बोतल लेकर चलें।
- बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसीना आया हो तो फौरन ठंडा पानी न पीà¤à¤‚। सादा पानी à¤à¥€ धीरे-धीरे करके पीà¤à¤‚।
- रोजाना नहाà¤à¤‚ और शरीर को ठंडा रखें।
- घर को ठंडा रखने की कोशिश करें। खस के परà¥à¤¦à¥‡, कूलर आदि का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
- बाजार में बिक रहे पहले से कटे हà¥à¤ फल तो बिलकà¥à¤² न खाà¤à¤‚।
कैसे करें बचाव
कैसे लग जाती है लू?
लू लगने पर शरीर का तापमान अचानक बहà¥à¤¤ बढ़ जाता है। गरà¥à¤®à¥€ की वजह से शरीर में पानी और नमक की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कमी होने पर लू लगने की आशंका होती है। तेज धूप और गरà¥à¤®à¥€ में नंगे बदन रहने वालों, बिना छाते या सिर को बिना ढके धूप में घूमने वालों, टीन से बने घरों में रहने वालों, तेज आग के सामने काम करने वालों, खेतों में काम करने वालों, खà¥à¤²à¥€ धूप में आने-जाने व काम करने वालों, लो इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ वालों, शारीरिक रूप से कमजोर, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚, बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने वालों और कम पानी पीने वाले लोगों को अकà¥à¤¸à¤° लू लग जाती है। जब शरीर का थरà¥à¤®à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ सिसà¥à¤Ÿà¤® यानी शरीर का तापमान कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने वाला सिसà¥à¤Ÿà¤® शरीर को ठंडा रखने में नाकाम हो जाता है तो शरीर में गरà¥à¤®à¥€ à¤à¤° जाती है और पानी किसी-न-किसी रूप में शरीर से बाहर निकल जाता है। इससे शरीर की ठंडक कम हो जाती है और लू लग जाती है।
कà¥à¤¯à¤¾ होता है लू लगने पर?
- लू लगने पर शरीर में गरà¥à¤®à¥€, खà¥à¤¶à¥à¤•ी और थकावट महसूस होने लगती है।
- मसलà¥à¤¸ में खिंचाव लगता है, शरीर टूटने लगता है और पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ बढ़ जाती है।
- कई बार बà¥à¤–ार बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाता है जैसे कि 105 या 106 डिगà¥à¤°à¥€ फॉरेनहाइट।
- बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लो हो जाता है और लिवर-किडनी में सोडियम पोटैशियम का बैलेंस बिगड़ जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में बेहोशी à¤à¥€ आ सकती है।
- इसके अलावा बà¥à¤°à¥‡à¤¨ या हारà¥à¤Ÿ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ à¤à¥€ बन सकती है। ठीक वकà¥à¤¤ पर इलाज न कराया जाठतो मौत à¤à¥€ हो सकती है।
कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ हैं लकà¥à¤·à¤£
बेहोशी आना, तेज बà¥à¤–ार, सांस लेने में तकलीफ, उलटी आना, चकà¥à¤•र आना, दसà¥à¤¤, सिरदरà¥à¤¦, शरीर टूटना, बार-बार मà¥à¤‚ह सूखना और हाथ-पैरों में कमजोरी आना या निढाल होना लू लगने के लकà¥à¤·à¤£ हैं। लू लगने पर काफी पसीना आ सकता है या à¤à¤•दम पसीना आना बंद à¤à¥€ हो सकता है।
हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• यानी लू
लू लगने पर कà¥à¤¯à¤¾ करें?
- सबसे पहले मरीज को ठंडी और छायादार जगह में बिठाà¤à¤‚, कपड़े ढीले कर दें, पानी पिलाà¤à¤‚ और ठंडा कपड़ा उसके शरीर पर रखें।
- शरीर के तापमान को कम करने की कोशिश करें। लू लगने पर à¤à¤¸à¤¾ करना सबसे जरूरी है।
- लगातार तरल पदारà¥à¤¥ देकर उसके शरीर में पानी की कमी न होने दें। नमक व चीनी मिला हà¥à¤† पानी, शरà¥à¤¬à¤¤ आदि दें।
- उसके हाथ-पैरों की हलà¥à¤•े हाथों से मालिश करें। तेल न लगाà¤à¤‚।
- गà¥à¤²à¤¾à¤¬ जल में रà¥à¤ˆ à¤à¤¿à¤—ोकर आंखों पर रखें। फिर à¤à¥€ आराम न आठतो डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚।
लू लगने पर खानपान
बेल या दूसरी तरह के शरà¥à¤¬à¤¤ और जौ का पानी दें। खिचड़ी दे सकते हैं। तलवों, हथेलियों व माथे पर चंदन का लेप और सिर पर मेहंदी लगाà¤à¤‚। बाहर का खाना न खाà¤à¤‚। घर में à¤à¥€ परांठा, पूड़ी-कचौड़ी आदि तला-à¤à¥à¤¨à¤¾ न खाà¤à¤‚। नींबू पानी और इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² पीते रहें। शà¥à¤—र के मरीज बिना चीनी का शरà¥à¤¬à¤¤ और ठंडाई लें। आधा दूध और आधा पानी मिलाकर लसà¥à¤¸à¥€ पिà¤à¤‚।
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦
लू लग जाठतो आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ की इन दवाओं का डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं:
- अगर नबà¥à¤œ कमजोर हो तो संजीवनी सà¥à¤°à¤¾ दो चमà¥à¤®à¤š पानी से।
- तेज बà¥à¤–ार हो तो जयमंगल रस की à¤à¤• गोली सà¥à¤¬à¤¹-दोपहर-शाम पानी से।
- उलटी हो तो आधी छोटी चमà¥à¤®à¤š à¤à¤²à¤¾à¤¦à¤¿ चूरà¥à¤£ पानी से।
- दो या तीन लकà¥à¤·à¤£ à¤à¤• साथ हों तो कामदूधा रस की दो रतà¥à¤¤à¥€, पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² पिषà¥à¤Ÿà¥€ दो रतà¥à¤¤à¥€ और गिलोय सतà¥à¤µ दो रतà¥à¤¤à¥€ की à¤à¤• पà¥à¤¡à¤¿à¤¼à¤¯à¤¾ बनाकर पानी से या गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¤œà¤² में घोटकर दें। अगर डायबीटीज न हो तो मिशà¥à¤°à¥€ मिला लें, वरना छोटी इलायची मिला लें
- अगर बेहोशी-सी लगे तो मूरà¥à¤›à¤¾à¤‚तक रस की à¤à¤• गोली फौरन पानी से दें।
इन गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में दादी मां के नà¥à¤¸à¥à¤–े अपनाà¤à¤‚, लू यानी Heat Stroke से बचें
तेज गरà¥à¤®à¥€ का दौर जारी है, पारा 45 डिगà¥à¤°à¥€ को पार कर गया है और गरà¥à¤®à¥€ अपने चरम पर है। गरà¥à¤®à¥€ के मौसम की सबसे बड़ी समसà¥à¤¯à¤¾ है लू यानी हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•। à¤à¤¸à¥‡ में हम आपको बता रहे हैं कि आखिर लू कैसे लगती है, इसके सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं और इससे बचने के लिठकैसे आप घर पर ही कà¥à¤› आसान घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े अपनाकर फिट और हेलà¥à¤¦à¥€ रह सकते हैं...
गरà¥à¤®à¥€ के मौसम में खà¥à¤²à¥‡ शरीर रहने, नंगे पांव धूप में चलने, तेज गरà¥à¤®à¥€ में घर से खाली पेट और बिना पानी पिठबाहर जाने, कूलर या AC से निकल कर तà¥à¤°à¤‚त धूप में जाने, बाहर धूप से आकर तà¥à¤°à¤‚त ठंडा पानी पीने की वजह से अकà¥à¤¸à¤° लू लगने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। शारीरिक रूप से कमजोर लोगों, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚, बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों, और कम पानी पीने वाले लोगों को अकà¥à¤¸à¤° लू लग जाती है।
- तेज बà¥à¤–ार और सांस लेने में तकलीफ
-उलटी आना और चकà¥à¤•र आना
-लूज मोशन, सिरदरà¥à¤¦, शरीर टूटना
-बार-बार मà¥à¤‚ह सूखना और हाथ-पैरों में कमजोरी आना या निढाल होना, बेहोश होना
-शरीर में गरà¥à¤®à¥€, खà¥à¤¶à¥à¤•ी या थकावट महसूस होना
गरà¥à¤®à¥€ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¥€, गरिषà¥à¤ और बासी à¤à¥‹à¤œà¤¨ न करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤®à¥€ में शरीर की जठरागà¥à¤¨à¤¿ धीमी हो जाती है इसलिठहमारा शरीर à¤à¤¾à¤°à¥€ खाने को पूरी तरह से पचा नहीं पाता और जरà¥à¤°à¤¤ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाने या à¤à¤¾à¤°à¥€ खाना खाने से उलटी-दसà¥à¤¤ की शिकायत हो सकती है।
गरà¥à¤®à¥€ में गला बहà¥à¤¤ सूखता है और पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¥€ लगती है। à¤à¤¸à¥‡ में बाजार से खरीद कर कोलà¥à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क या पैकà¥à¤¡ जूस पीने की बजाठघर की बनी ठंडी चीजों का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ जैसा आम का पनà¥à¤¨à¤¾, बेल का शरबत, खस का ठंडा शरबत, चनà¥à¤¦à¤¨ गà¥à¤²à¤¾à¤¬ और फालसा का शरबत, संतरे का जूस या शरबत, ठंडाई, सतà¥à¤¤à¥‚ का शरबत, दही की लसà¥à¤¸à¥€, छाछ या मटà¥à¤ ा आदि।
धूप में घर से बाहर पूरे और ढीले कपड़े पहनकर निकलें, ताकि उनमें हवा लगती रहे। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट और गहरे रंग के कपड़े न पहनें। सूती कपड़े पहनें। सिंथेटिक, नायलॉन और पॉलिà¤à¤¸à¥à¤Ÿà¤° के कपड़े न पहनें। खाली पेट बाहर न जाà¤à¤‚ और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर à¤à¥‚खे रहने से बचें। धूप से बचने के लिठछाते का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। इसके अलावा, सिर पर गीला या सादा कपड़ा रखकर चलें। चशà¥à¤®à¤¾ पहनकर बाहर जाà¤à¤‚। चेहरे को कपड़े से ढक लें।
सबसे पहले मरीज को ठंडी और छायादार जगह में बिठाà¤à¤‚, कपड़े ढीले कर दें, पानी पिलाà¤à¤‚ और ठंडा कपड़ा उसके शरीर पर रखें। लगातार तरल पदारà¥à¤¥ देकर शरीर में पानी की कमी न होने दें। हाथ-पैरों की हलà¥à¤•े हाथों से मालिश करें। तेल न लगाà¤à¤‚। नमक व चीनी मिला हà¥à¤† पानी, शरà¥à¤¬à¤¤ आदि दें। गà¥à¤²à¤¾à¤¬ जल में रà¥à¤ˆ à¤à¤¿à¤—ोकर आंखों पर रखें। फिर à¤à¥€ आराम न आठतो डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚।
ये घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े आजमाà¤à¤‚
- सौंफ का रस 6 छोटे चमà¥à¤®à¤š, दो बूंद पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ का रस और दो चमà¥à¤®à¤š गà¥à¤²à¥‚कोज पाउडर करीब à¤à¤•-à¤à¤• घंटे बाद देते रहें।
- जटा वाले नारियल की गिरी को पीसकर दूध निकाल लें। उसे काले जीरे के साथ पीसकर शरीर पर पैक की तरह लगाà¤à¤‚।
- नीम का पंचांग लेकर उसके 10 गà¥à¤°à¤¾à¤® चूरà¥à¤£ में 10 गà¥à¤°à¤¾à¤® मिशà¥à¤°à¥€ मिलाकर à¤à¤•-à¤à¤• घंटे बाद पानी से दें।
- ताजे पà¥à¤¯à¤¾à¤œ के रस को छाती पर मलने से à¤à¥€ लू का असर कम होता है।
- à¤à¤• à¤à¥à¤¨à¥‡ पà¥à¤¯à¤¾à¤œ और à¤à¤• बिना à¤à¥à¤¨à¥‡ पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को साथ में महीन पीस लें। उसमें 2 गà¥à¤°à¤¾à¤® जीरे का चूरà¥à¤£ और 20 गà¥à¤°à¤¾à¤® मिशà¥à¤°à¥€ मिलाकर मरीज को दिन में à¤à¤• बार दें।
- गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को जेब में रखने से लू नहीं लगती कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसमें पानी की मातà¥à¤°à¤¾ बहà¥à¤¤ होती है। पानी न मिलने पर उसे ही चूस लें।
- कचà¥à¤šà¥‡ आम को à¤à¥‚नकर, पानी में मसलकर, छानकर उसमें सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° चीनी और जीरा मिलाकर रोज लेने से लू लगने का खतरा कम हो जाता है।
- पकी हà¥à¤ˆ इमली को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी में घोलकर कपड़े से छान लें। उस कपड़े को मरीज के चेहरे पर ओढ़ा दें और उस पर थोड़ा-थोड़ा इमली का पानी छिड़कते रहें। बेहोशी दूर हो जाà¤à¤—ी। इस रस को मरीज के हाथ-पैरों और माथे पर à¤à¥€ मल देना चाहिà¤à¥¤
- आंवले का चूरà¥à¤£ à¤à¤• गà¥à¤°à¤¾à¤®, मीठा सोडा आधा गà¥à¤°à¤¾à¤® और तीन गà¥à¤°à¤¾à¤® मिशà¥à¤°à¥€ को सौंफ के रस के साथ मरीज को दें।
- पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ के करीब 30-40 पतà¥à¤¤à¥‡ लेकर, दो गà¥à¤°à¤¾à¤® जीरा और दो लौंग को पीसकर आधे गिलास पानी में मिलाकर मरीज को हर चार घंटे बाद पिलाà¤à¤‚।
गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤•िन का à¤à¥€ रखें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में जहां अपने साथ आम, शरबत, तरबूज आदि की बहार लाती हैं, वहीं सà¥à¤•िन की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ लेकर आती हैं। रैशेज, घमौरियां, फà¥à¤‚सियां, सनबरà¥à¤¨ आदि गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की कॉमन समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हैं। शरीर के वे हिसà¥à¤¸à¥‡, जिन पर सà¥à¤•िन फोलà¥à¤¡ होती है, मसलन बगल, जांघ, पेट आदि में पसीना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आता है और वहां रैशेज हो जाते हैं। जो लोग लगातार बैठे रहते हैं या घंटों बैठकर गाड़ी चलाते रहते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दिकà¥à¤•तें जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आती हैं। गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की कॉमन सà¥à¤•िन पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® हैं:
हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• से बचने के 7 आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• तरीके
रैशेज और घमौरियां
गमिरà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में पसीना निकलने से सà¥à¤•िन में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मॉशà¥à¤šà¤° रहता है, जिसमें कीटाणॠ(माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¥à¤¸) आसानी से पनपते हैं। इस दौरान जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ काम करने से सà¥à¤µà¥‡à¤Ÿ गà¥à¤²à¥ˆà¤‚डà¥à¤¸ यानी पसीने की गà¥à¤°à¤‚थियां बà¥à¤²à¥‰à¤• हो जाती हैं। à¤à¤¸à¤¾ होने पर पसीना सà¥à¤•िन की अंदरूनी परत के अंदर जमा रह जाता है। घमौरियां और रैशेज होने पर सà¥à¤•िन लाल पड़ जाती है और उसमें खà¥à¤œà¤²à¥€ व जलन होती है। रैशेज से सà¥à¤•िन में दरारें-सी नजर आती हैं और सà¥à¤•िन सखà¥à¤¤ हो जाती है, वहीं घमौरियों में लाल-लाल दाने निकल आते हैं। बाहर की सà¥à¤•िन की परत बà¥à¤²à¥‰à¤• होने पर दाने वाली घमौरियां निकलती हैं। ये आमतौर पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बà¥à¤–ार के दौरान निकलती हैं। इसके लिठकिसी दवा की जरूरत नहीं होती।
कà¥à¤¯à¤¾ करें: खà¥à¤²à¥‡, हलà¥à¤•े और हवादार कपड़े पहनें। टाइट और à¤à¤¸à¥‡ कपड़े न पहनें, जिनमें रंग निकलता हो। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि कपड़े धोते हà¥à¤ उनमें साबà¥à¤¨ न रहने पाà¤à¥¤ ठंडे वातावरण यानी à¤à¤¸à¥€ और कूलर में रहें। घमौरियों वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ की दिन में à¤à¤•ाध बार बरà¥à¤« से सिकाई कर सकते हैं और उन पर कैलेमाइन (Calamine) लोशन लगाà¤à¤‚। खà¥à¤œà¤²à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर खà¥à¤œà¤²à¥€ की दवा ले सकते हैं।
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